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Showing posts from August, 2020

जन अधिकार छात्र परिसद का पटना आयकर चुराह पे JEE और NEET परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग को ले के आक्रोश से भरा प्रदर्शन

 

Covid-19

 आज बिहार में चुनाव का बाजार गर्म है, पर ठंडी हो रही अर्थव्यवस्था को किसको पड़ी है !  इसमें किसकी गलती ,किसको पता था covid-19 का वक़्त बिन बताये आ जायेगा ! अरे परीक्षा के लिए भी एक वर्ष का वक़्त मिलता विद्यार्थी को फिर इतना ही वक़्त क्यू नहीं मिला साशन और प्रसाशन को ,विधि इकाई पर कौन सी विधी लागू होती है ,एक कैलाश पर्वत प्रश्न है दोस्तों ! कभी न कभी कोई न कोई पर्वतारोही आएगा !

पात्र

 राम राम जी !! पहले होती थी, पत्रकारिता पर आज होती है ,'पात्र करीता ' कितना बदल गया इंसान ! अरे कुछ तो शर्म करो !

शोर

 हर तरफ शोर है  किसपे किसका जोर है  आप अकेले मन से हो  दुनिया चारो ओर है  हर तरफ शोर है  उम्मीदों के साये में  हमने लिखी कहानी थी  वो तो मेरा बचपन था  चारो और जवानी थी  कुछ इस ओर है  कुछ उस ओर  है  चारो तरफ शोर है |

मानसिकता गुलामी की

 राम राम दोस्तों !!           आजादी के इतने दिनों बाद ( लगभग 7 दशक  ) बाद भी हमें मानसिक गुलामी में जीने की आदत पड़ी हुई है ,हम आज भी भीड़  तंत्र का वो हिस्सा मात्र है जिसका शारीरिक संरचना तो बिशाल है पर मानसिक संरचना संकीर्ण और विषैली ! एक दुसरे के पीछे एक पंक्ति में रहने से आपको आगे कुछ दिखाई नहीं  पड़ेगा ,एक दूसरे के साथ अगल - बगल खरे होने की आदत डालिये दोस्तों !! जय भारत जय जनता !!

लोकतंत्र की आत्मा

 राम राम जी ,कैसे है आपलोग ?एक बात आपलोग बातये की लोकतंत्र सचमे लोकतंत्र है या नेतातंत्र है !  बोलने की आजादी मात्र से ये कहाँ सिद्ध होती है की लोकतंत्र पूरी हुई ! किसी भी पार्टी के भीतर आज पहले लोकतान्तत्रिक  परिक्रिया से सदस्य या टिकट्स देने की प्रक्रिया  होनी चाहिए ना की बांसवाद के आधार पर ! और न किसी व्यतिगत  आधार पर ! आपका क्या कहना अपनी कहिये ? जय भारत ! जय जनता

सड़क दुर्घटना आंखों देखी

              एक नजर नमस्कार दोस्तों, उम्मीद करता हु की आपलोग बहुत अच्छे होंगे।आज एक घटना मेरे सामने हुई तो मैं आपसे साझा करना उचित समझा।आज रोड पर गाड़ियों का सिलसिला आम दिन की तरह था,मैं किसी का इंतेजार कर रहा था और तभी अचानक एक एमबुलेंस बेकाबू हो कर मेरे सामने की सड़क पर तिरछी हो रूक गई।मैं हैरान परेसान ये सोच रहा था कि आखिर हुआ क्या।मैंने जब करीब जा कर मामले की पड़ताल की तो पता चला कि गाड़ी की हालत ठीक नही।ऐसा इसलिए लिख रहा हु की जिस वाहन का प्रोयोग सम्बंधित संस्थान या कोई व्यक्ति करता तो उनको इस बात का पूरी शिद्दत से ख़्याल रखना चाहिए कि वाहन पूरी दुरुस्त है,तभी किसी मरीज को इसकी सेवा दी जानी चाहिए।इस मामले में हुआ यूं कि वाहन इतनी पुरानी /न्यूनतम स्तर की रख-राखव की वजह से वक़्त पे धोखा दे गया। गनीमत है, कि वाहन चालक तथा वाहन में मौजूद रोगी व उनके सम्बन्धी पूरी तहर बच गए,राम भरोसे। तातपर्य यह है ,मेरे लिखने का/ की ऐसी मत्वपूर्ण सेवाओं को चलाने वली संस्था को जागरूकता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। आप क्या कुछ कहते है ,किर्पया अपनी कीमती सुझाव जरूर साझा...

बिहार और बिहारी

       बिहार और बिहारी              बनाम   एक चर्चा सामजिक बीमारी नमस्कार आपका स्वागत करता हूं। आज के लिए अपने बिहार की अगर हम मिलकर बात करें ,तो बाते बहुत हो सकती है पर जो निहायत ही ज़रूरी सवाल है जिसपर संवाद की ज़रूरत है वह है हमारा सामाजिक न्याय तथा इसकी मजबूत परिकल्पना।आइये हम मिलकर एक संगठित समाज के निर्माण में एक कदम बढ़ाए।आज की हमारी संस्कृति पूरी तरह से बाहरी दुनिया के साथ मिलकर एक साथ एक ही समय में नित्य नये आयामो की नयी इकाई तलासने मैं इतनी मशगूल हो चुकी है, की अब किसी को किसी और चीज की पड़ी नही।जो एक गंभीर समस्या का रूप अख्तियार कर चुका है।कोई भी व्यक्ति या संस्थान इसकी बात बस करती है अपने कार्यों या दैनिक जीवन में इसकी महत्ता नाम मात्र भर शेष बची है।कैसे इसको सुधारने की दिशा में आगे बढ़ा जाए ,क्या तरीका अपनाया जाए आप हमें बताये, हमे आपके सुझाव का बेसब्री से इंतेजार रहेगा। आपके जीवन की मंगल कामना करता  है The Patna Forum

अबकी बार कौन होगा सरकार, चुनावी जंग आर या पार।

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