हमारा बिहार ज्ञान, परिश्रम व संघर्ष की भूमि है। यहां की मिट्टी में जन्मा हर व्यक्ति प्रतिभा का धनी है। यही कारण है बिहार सबसे अधिक आईएएस और आईपीएस देश को देता था। प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान का पुरोधा बिहार को माना जाता था। जहां नालंदा विश्वविद्यालय जैसा प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विख्यात केन्द्र रहा हो, जो भगवान बुद्ध की ज्ञान भूमि रही हो, अंखण्ड भारत पर राज करने वाला मौर्य राजवंश रहा हो और जहां महान अशोक सम्राट जैसे योद्धा पैदा हुए हों वह राज्य बिहार ही था। इतनी सम्पन्न, समृद्ध और महान सभ्यता वाला बिहार वर्तमान समय में राजनीतिक भेंट चढ़कर बेरोजगारी, भुखमरी और आपराधिक छवि वाला राज्य बनकर रह गया है। बिहार की सत्ता 30 सालों से ऐसे हाथों में है जहां बाढ़ है, अपराध है, बेरोजगारी है, अशिक्षा है, स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हैं, भ्रष्टाचार है, सामाजिक उन्माद है, कुप्रभाव है और कुव्यवस्था है। यही कारण है सरकार की अनदेखी और भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत बनी की बिहार साल दर साल पिछड़े पन में नंबर एक पर पहुँचता चला गया। जहां आंकड़ों की भाषा शर्मिंदग...